Tuesday, March 3, 2009

मेरे विचार

चिराग ऐसा जलाओ कि बेमिसाल रहे,

किसी के घर अँधेरा हो सदा ख्याल रहे


कंटकों में पथ बनाना सीख लो कठिनाइयों को सरल बनाना सीख लो

जिंदगी सुखद तुमको लगने लगेगी,जिंदगी को अच्छा बनाकर देख लो


जो सुमन सुहावन लगे चुनते जाएँ ,जो भावना अच्छी लगे मानते जाएँ

सदाचरण अपने नियम बनाए ,सदा-जागरण से चित जाग्रत बनाए

4 comments:

शोभा said...

जो सुमन सुहावन लगे चुनते जाएँ ,जो भावना अच्छी लगे मानते जाएँ।

सदाचरण अपने नियम बनाए ,सदा-जागरण से चित जाग्रत बनाए ।
बहुत ही सुन्दर विचार हैं। पढ़कर अच्छा लगा।

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

bahut achche vichar hain.. aabhar

neelima garg said...

very inspiring.....

हरि शर्मा said...

सुन्दर विचार

सार्थल लेखन को बढावा दे और ऊल जुलूल पोस्टो पर प्रतिक्रिया से बचे.
सादर
हरि शर्मा
http://hariprasadsharma.blogspot.com/
http://koideewanakahatahai.blogspot.com/
http://sharatkenaareecharitra.blogspot.com